भारतकोश
ब्रह्मचर्य ही जीवन है

ब्रह्मचर्य ही जीवन है

Brahmacharya Hi Jeevan Hai

स्वामी शिवानन्द द्वारा

स्रोत: Chatra Hitkari Pustakmala, Daraganj, Prayag (1926) · Kedarnath Gupta, Chatra Hitkari Pustakmala · 1926 (उद्गम)

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छात्र-हितकारी पुस्तकमाला—संख्या ५

16

ब्रह्मचर्य ही जीवन है

( Brahmacharya is life )

“ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमुपाश्रत”

—वेद

स्वामी शिवानन्द

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