भारतकोश
ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना

Brahmacharya Sadhana

स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा

स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)

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ब्रह्मचर्य के लिये कुछ नुस्खे

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(ब) स्पर्शन : विपरीत लिंग के व्यक्ति को छूने, आलिंगन करने तथा उसके निकट रहने की कामना करना।

(स) केलि : उसके साथ खेलना तथा विहार करना।

(द) कीर्तन : उसके गुणों का अपने मित्रों में बखान करना।

(च) गुह्य भाषण : गुप्त रूप से बातें करना।

(छ) संकल्प : कामुक विचार रखना।

(ज) अर्थवसाय : पुरुष स्त्री के साथ संभोग ज्ञान की तीव्र कामना।

(भ) क्रिया निवृत्ति : संभोग।

जो उपर्युक्त आदतों से पूरी तरह मुक्त है वही पूरा ब्रह्मचारी है। इनमें से किसी भी एक व्रत का खण्डन हो जाने पर ब्रह्मचर्य का खण्डन हो जाता है। सदा इस बात का स्मरण रखिये।

१०. गृहस्थों के लिए ब्रह्मचर्य : जो शीघ्र ही उन्नति करना चाहते हैं उनको वैवाहिक जीवन में भी ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिये। गृहस्थ लोगों को अपने सुखोपभोग में संयमित बनना चाहिए। अच्छे स्वास्थ्य इत्यादि की दृष्टि से भी इसकी आवश्यकता है। एक महीने के लिए ही ब्रह्मचर्य का व्रत ले लीलिए। तब उसको तीन महीने तक बढ़ा लीजिए। आपको कुछ शक्ति मिल जायगी। धीरे धीरे आप इसको बढ़ाते चले जाइए।

ब्रह्मचर्य के लिये कुछ नुस्खे

(क) शीर्षासन ५ मिनट

सर्पांगासन १० मि॰

उपवास एकादशी के दिन, हर दूसरे रविवार।