ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना
Brahmacharya Sadhana
स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा
स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)
DevanagariHindipublished237 पृष्ठ
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जप के मन्त्र
२१७
श्री राम या श्री सीताराम — राम
गाथवी — ब्राह्मणों, क्षत्रियों, तथा वैश्यों के लिये ।
श्रोत्रम् या सोहम् — निगुण उपासकों के लिये ।
प्रातः शुद्धता पर ध्यान कीजिए तथा दिन में उसका अभ्यास कीजिये । “शुद्धता मेरा लक्ष्य है” “शुद्धता ही परिपूर्णता है” “शुद्धता ही परम कल्याण है” “मैं शुद्ध स्वरूप हूँ”—ये सब शुद्धता के ऊपर ही ध्यान हैं ।
ईश्वर की कृपा आप सबों को प्राप्त हो ।
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