ब्रह्मचर्य विज्ञान

ब्रह्मचर्य विज्ञान
Brahmacharya Vigyaan
पं. जगन्नारायणदेव शर्मा द्वारा
स्रोत: Sarvahitkari Grantha Mala · Sarvahitkari (उद्गम)
DevanagariHindipublished380 पृष्ठ
पृष्ठ 7, कुल 380 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 7
उपहार
चारों ही फल सहज में, होते हैं अनुकूल । ‘महाचर्य-विज्ञान’ है, सब साधन सुख-मूल ॥ इस व्रत का पालन करो, ईश तुम्हें दे खुदि । प्रेम मेंट बस है यही, कर लो अन्तःशुद्धि ॥
श्री _____
_____ दावा
शुभम्