भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 398

( १२ ) लङ्कासमयाम्योत्तररेखायां¹ भास्करोदये मध्याः । देशान्तरोनयुक्ता रेषा² प्रागपरदेशेषु ॥ ३४ ॥ दिनवारादिः पश्चादुज्जयनी दक्षिणोत्तरायाः¹ प्राक् । देशान्तरघटिकाभिः पश्चात्प्राक्² भवति रव्युदयात् ॥ ३५ ॥ भूपरिधिः⁴ खखशररारेखा स्वाक्षान्तरांश⁶ संगुणिताः⁵ । ५००००¹ भगणांश ३६० हृता² फलकृतिहीनो³ देशान्तरस्य कृतिः ॥ ३६ ॥⁷ शेषपदगुण¹भुक्तिर्भूपरिधि हृता² कलादि लब्धमृणम्³ । उज्जयनी याम्योत्तर रेखायाः⁴ प्राग्धनं⁵ पश्चात् ॥ ३७ ॥

३४. (य) १. रेषायॉ for (रेखायां)
(ग) २. रेखा (क) (ख) for (रेषा)
३५. (घ) १. दक्षणोत्तरायाः for (दक्षिणोत्तरायाः) (च)
२. प्राग्भवति (ग) (क) (च) for (प्राक्भवति)
३६. (घ) १. ५००० (ग) for (५००००)
२. 'हृता' से पूर्व दी गई ३६० की संख्या यहाँ 'हृता' के पश्चात् दी गई है ।
(ग) (ख) हृत (च)
(ग) ३. हीना (क) (ख) for (हीनो)
(क) ४. परिधि for (परिधि)
५. संगुणिता for (संगुणिताः)
वि० श्लोकान्तर्गत संख्याएं लुप्त हैं । (ख)
(ख) ६. स्वक्षांतरांस for (स्वाक्षांतरांश)
(च) ३. हिनो for (हीनो)
७. क्रमसंख्या लुप्त
३७. (घ) १. गुणा (ग) (क) (च) for (गुण)
२. परिधिताकलादि for (परिधि हृताकलादि)
(ग) ३. कलादिलब्धमृणम् for (कलादि लब्धमृणम्)
(क) ४. रेखाया for (रेखायाः)
५. प्राग्णं धनं (ख) for (प्राग्धनं)
(च) ३. कलादिलब्धमृणं for (कालादिलब्धमृणम्)
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