ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( १३ ) मध्यग्रहे स्फुटे वा भूपरिधिहृतात्पदाद् गुणात् षष्ट्या । लब्धं घटिकाद्यथवा कर्म तिथि ऋणं धनं ग्रहवत् ॥ ३८ ॥ कल्पगताब्दा गुणिता रूपाष्टजिनैर्नवाग्निसतगैः २४८१९७३६ । खखरसनवभि ९६०० भक्ता दिनावमान्यंशाकाः शेषाः ॥ ३९ ॥ तद्दिग्गुणा १० योगादधिस्त्रिंशता धृताल्लब्धम् । शेषास्तिथयः शुद्धिदिनानि विकलं दिनांशेभ्यः ॥ ४० ॥
३८. (घ) १. मध्ये (ग) (च) for (मध्य)
२. स्फटे (च) for (स्फुटे)
(क) ३. 'द्य' लुप्त है—'छूट गया' का चिह्न है, आगे 'थावा' है।
४. मृण for (ऋण)
(ख) ५. भूपरिहृतान् for (भूपरिधिहृतात्)
६. तिथिषु for (तिथि)
(च) ७. + ॥ ६ ॥
३९. (घ) १. जनैर्नवाग्नि for (जिनैर्नवाग्नि) (ग) जिनै २४२४८१
२. यह संख्या यहाँ 'भक्ता' के पश्चात् अंकित है।
(ग) ३. सतनगैः ७७३६ (क) ससनगैः (ख) for (सतगैः)
४. यहाँ 'भक्ता' से आगे ९६०० की संख्या है।
(क) ५. मानांशकाः for (मान्यंशाकाः)
(च) १. रूपाथजनैर्नवाग्नि for (रूपाष्टजिनैर्नवाग्नि)
४०. (घ) १. गुणाः for (गुणा १०) (ग) तद्दिग्गुणा १० ब्द for (तद्दिग्गुणा १०)
२. हृता (ग) (क) हृताल्लब्धां (ख) हतालब्धम् for (धृताल्लब्धम्)
(ग) ३. दधिमासास्त्रिंशता (क) (ख) दधिमासा for (दधिस्त्रिंशता)
(क) १. तद्दशगुणाब्दयोगा for (तद्दिग्गुणा १० योगा)
(ख) १. तद्दिग्गुणाब्द for (तद्दिग्गुणा १०)
४. दिनानि for (दिनानि)
(च) १. तद्दिकगुणाः for (तद्दिग्गुणा)
२. द्वताल्लब्धं for (धृताल्लब्धं)