भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 400

( १४ ) कल्पगताक्षदिनयुतैः सूर्याद्योऽब्दाधिपो गताब्दभगणावधः । कल्पाब्दभूतो गरणादिमध्यमः सूर्यभगणान्ते ॥ ४१ ॥ चैत्रसिताद्यास्तिथयः शुद्धिविहीनाः पृथग्गुणा रुद्रैः । अवमांशेभ्यो यमनवरस ६९२ गुणितेभ्यो विभक्तेभ्यः ॥ ४२ ॥ स्वच्छेनफलयुता हृतास्त्रिखागैः ७६३ फलावमविहीनाः । रविमेषादि द्युगणो मुनिहृत् शेषोब्दपत्यादिः ॥ ४३ ॥

४१. (घ) १. सूर्यो (च) for (सूर्या)
२. योगताब्द for (पोगताब्द) (ग) ऽब्दभगण (क) धियोऽब्दभगण for
(धिपोगताब्दभगण)
(ग) ३. गताब्ददिनयुतैः for (गताक्षदिनयुतैः) (क) गताब्द for (गताक्ष)
४. हृतो (क) (ख) हृतो for (भूतो)
५. भगणादि (क) (ग) भगणादि for (गणादि)
(ख) ३. कल्नगतान्ददिनयुतैः for (कल्पगताक्षदिनयुतैः)
२. धिपोब्दभगणवधः for (धिपोगताब्द भगणावधः
(च) ६. अवग्रहचिह्नप्लुत
४२. (घ) १. प्रथगुणा (च) for (पृथग्गुणा)
(ग) २. गुणिते विभक्तेभ्यः for (गुणितेभ्यो विभक्तेभ्यः)
(क—यहां के मूलपत्र उपलब्ध नहीं हैं)
(च) ३. रुद्रै for (रुद्रैः)
४३. (घ) १ त्रिखगैः for (त्रिखागैः) (ख) हृतास्त्रिखागैः for (हृतास्त्रिखागैः)
२. ७०३ (ग) for (७६३)
३. फलाऽवम for (फलावम)
४. मेखादि (ग) (च) for (मेषादि)
(ग) ५. स्वच्छेदेन १६०० (ख) स्वछेदन for (स्वच्छेन)
(क) (क—यहां का मूलपत्र उपलब्ध नहीं है)
(ख) ६. मुनिहत for (मुनिहृत्)
(च) १. हृतास्रखगैः for (हृतास्त्रिखागैः) ३ फलाइवमविहीनाः for (फलावमवि-
हीनाः)
६. मुहृत for (मुनिहृत्)