ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २५ ) कृतनव पंचयमो$^२$ नन्द चन्द्र$^३$ दन्ताष्ट यमंगुण$^१$ रामनवयमाः$^४$। शशियम खरामाः$^५$ मुनिपक्षाः वह्नयो व्यस्ताः ॥ ५ ॥ मुनयोष्टयमास्त्रिरसा रुद्र$^४$ शशांकाः समुद्रमुनिचन्द्राः। नववेदयमामुनिगुणा$^३$ हुताशना$^२$ वसुगुणसमुद्राः ॥ ६ ॥ रूपेन्द्रियेषवोरसनगर्तु$^१$वंश्चन्द्रशीतकरवसवः। वसुशरनन्दाः$^३$ सागररुद्रशशांकाः$^२$ नवागार्काः$^४$ ॥ ७ ॥ त्रिविषयवेदशशांकाःपंचत्रिर$^४$सेंदवोब्धियमधृतयः। श्रुतिधृति$^२$स्त्वयमानवशशियम्पक्षा$^३$ सागर द्विजिना ॥ ८ ॥$^१$ ५. (घ) १. यमा (च) for (यम) (ग) वि० यहां चौथे और पांचवें श्लोक की चारों पंक्तियों को कुछ भिन्न प्रकार से लिखा है। (क) (क) १. क+षट् छिद्रेषु जिना २४५६+ २. यमाः+२५६४+for (यमा) ३. चन्द्रमुनिपक्षाः २७१६ for (चन्द्रदन्ताष्ट) १. यमाः+२८३२ for (यम)। इसके पश्चात् दूसरी पंक्ति प्रारम्भ ४. +२६३३+ ५. +३०२१+ (ख) यहां पर यह श्लोक 'लुप्त' है। ६. (ग) ३. गुण (च) for (गुणा) (क) ४. रुद्राः for (रुद्र) (च) २. कुताशना for (हुताशना) ७. (घ) १. त्वंवश्चन्द्र for (तंवश्चन्द्र) (क) २. शशांका (च) for (शशांकाः) (ख) ३. नन्दा for (नन्दाः) ४. नवागार्का for (नवागार्काः) ८. (घ) १. द्विजिनाः (ग) (च) for (द्विजिनाः) २. ख (क) (च) for (स्व) (ग) ३. पक्षाः (क) for (पक्षा) (ख) ४. भि for (त्रि) (वि० देखिए पृष्ठ २६—सारणी के लिए)