ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( ८४ ) इष्टग्रासविमर्दस्थित्यर्द्धा वनति लम्बो¹नाद्येषु । आर्या षड्विंशत्यर्कं²ग्रहणं³पंचमोऽध्यायः ॥ २६ ॥ इति ब्रह्मगुप्त⁴ पंचमोऽध्यायः ॥
२६. (घ) २. लंबनाद्येषु (ग) for (लम्बानाद्येषु)
२. षड्विंशत्याऽर्क (ग) (च) for (षड्विंशत्यर्कं)
३. ग्रहणं (ग) for (ग्रहण)
(ग) ४. 'इति' से 'अध्यायः' तक इस प्रति में लुप्त । केवल समाप्ति सूचक छः, छः,
छः, अंकित है
यह श्लोक इस प्रति में नहीं है ।
(च) १. लंबनाद्यु for (लंबनाद्येषु)
३. 'इति' से 'अध्यायः' तक लुप्त है ।