भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

पृष्ठ 482, कुल 737 में से

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पृष्ठ 482

( ६६ ) नवतेरधिकां³शानां क्रमज्यया संयुतो क्रम²त्रिज्या । चन्द्रप्रमाणगुणिता द्विगु⁴णा व्यासार्द्ध⁵भक्तान्यत् ॥ १२ ॥ ६५ । ४० प्रथमं शुक्लं¹ रात्रौ दिव²सेन्यसंध्ययोस्तदैक्यार्द्धम्⁶ । वर्गो⁵ज्यास³र्व्विदावसितस्य सितं श्रवणं⁴ गत्या ॥ १३ ॥ शशिमान¹पादवर्गो² नामाद्धं³ सितांतराद्धं⁶ भक्तयुतः । परिलेखसूत्रमध्ये⁴ शुक्लेद्धे³न्द्वैव⁵ परिलेखः ॥ १४ ॥

१२. (घ) ३. रधिकांशाः नां (ग) रधिकांशानां for (रधिकांशाना)
२. संयुतोक्रम (ग) संयुतोक्रमे (च) for (संयुतोक्रम)
४. द्विगुण for (द्विगुणा)
(ग) ५. ६५।४० for (६५।४०)
(च) ३. रधिकांशाः नां for (रधिकांशानां)
(क) नच
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