ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( ६७ ) ⁵त्रिप्रश्नोत्तचा ¹शंकोः पूर्वापरतो ⁴निधाय दिङ्मध्ये । छायाग्रं ³छायाग्रं²छंकुंग्रं दीर्घसूत्रवशात् ॥ १५ ॥ कृत्वा ¹विंशाद्वितयं ²हगुद्धृतं ³पृथग्मुञ्चरतमन्यत् । प्रथमाग्रस्थित⁵दृष्टचा द्वितीय⁴वंशाग्रगं ⁶चन्द्रम् ॥ १६ ॥
१५. (घ) ३. छायाग्रा (ग) छायाग्रात् for (छायाग्रं)
२. छंवक्वग्र (क) शक्वग्रग for (छंकुंग्रं)
(ग) १. शंकुं for (शंकोः)
४. नधाय for (निधाय)
(च) ५. त्रीप्रश्म्योक्ता for (त्रिप्रश्नोत्तचा)
२. छंकुग्र for (छंकुंग्रं)
(क) १. शंकु for (शंकोः) २. त्यूंकवक्रगत for (छंकुंग्र)
(ग) अवर्केंदुदलभु