भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

पृष्ठ 485, कुल 737 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 485

( ६६ ) प्राक्चन्द्रलग्नयोर³स्तलग्नशशिनो यतो¹न्तरात्पश्चात् । प्रतिदिन²मिन्दुच्छाया यतस्त⁴दानयनमभिधास्ये ॥ १ ॥ प्रग्रहणकालिकै²रिष्टकालिकैर्व³र्कलग्नशशिपातैः । कृत्वोदयास्तलग्ने स्वचरप्राणान् शशां¹कस्य ॥ २ ॥ यद्यधिकमुदयलग्नादूनं⁴ षड्²गृहयुतास्तमयलग्र्नात् । लग्नं तदा शशां¹को दृश्यः सवितुर्दर्श³ने छाया ॥ ३ ॥ लग्नसममु¹दयलग्नं षड्³गृह्युतास्त² लग्नं समम्⁴ । पूर्वापरयोः कृत्वा⁵ गतशेषाः स्वो⁶दयैर्घटिका ॥ ४ ॥

१. (घ) १. यतॊंतरात् (ग) यंतोंतरात् (च) for (यतोन्तरात्)
२. प्रतिदिनछाया for (प्रतिदिनमिन्दुच्छाया)
(ग) ३. रश्न for (रस्त)
४. ततस्तानयनमभिधास्ये for (यतस्तदानयनमभिधास्ये)
(च) १. यंतोंतरात् for (यतोन्तरात्)
(क) यतोऽन्तरात् for (यतोन्तरात्)
२. (घ) १. शशांकस्य for (शशांकस्य)
(ग) २. काकालिकै for (कालिकै)
(च) ३. वर्किं for (वर्क)
(क) १. शशांकस्यात् for (शशांकस्य)
३. (घ) २. षड्गृह् (ग) for (षड्ग्रह)
१. सविदर्शने (ग) सतिदर्शने for (सवितुर्दर्शने)
(ग) ३. छायाः for (छाया)
(च) ४. दुनं for (दूनं) २. षड्गृह for (षड्ग्रह)
१. सवितुदर्शने for (सवितुर्दर्शने)
(क) १. सति for (सवितु)
४. (घ) ३. षड्गृहयुता (ग) (च) for (षड्ग्रहयुता)
४. लग्नसमं (ग) (च) for (लग्नसमं)
(ग) ५. गशेषाः for (गतशेषाः)
६. घटिकाः for (घटिका)
(क) १. लग्न लग्न for (लग्न) २. युताश्च for (युतास्त)
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक) · पृष्ठ 485, कुल 737 में से · BharatKosha