ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( १६४ ) क्षेत्रव्यव²क्षेत्रफलं वेधगुणं समखातफलहृतं⁵ त्रिभिः³ शून्या⁴ । मुखतुल्यतुल्यभुजैक्यानेकाग्रहृतानि⁶ समरस्त्रः⁷ ॥ ४४ ॥ मुखतुलयुतिः¹ दलगुणितं² वेधगुणं व्यासहारिकं³ गणितम् । मुखतलगुणैक्यार्द्धं⁴ वेधेन गणितमौच्चम्⁵ ॥ ४५ ॥ उद्रगणिताद्विशोध्य² व्यवहारफलं³त्रिभिर्भजेच्छेषम्¹ । लब्धं व्यवहारफले प्रक्षिप्य फलं भवति सूक्ष्मं ॥ ४६ ॥
४४. (घ) १. +अथ खातः+ २. ('क्षेत्र व्यव'—यहाँ लुप्त है) २. (ग) +क्षेत्रव्यवहारः+
३. हृतं (ग) for (हृतं) ४. शून्याः (ग) सूच्याः for (शून्या)
५. मुषतुल (ग) मुखतुल (च) for (मुखतुल्य)
६. न्येका (ग) न्यैकाग्र for (नेकाग्र)
७. समरज्जुः (ग) (ङ) for (समरस्त्रः)
(ग) ८. फलं (च) (ङ) for (फल)
(च) २. क्षेत्रे व्यवहारः समाप्तः, अथ खातः for (क्षेत्रव्यव)
४. शून्याः for (शून्या) ६. न्येकाग्रहृतानि for (नेकाग्रहृतानि)
७. समरत्नः for (समरस्त्रः)
(ङ) २. 'क्षेत्रव्यव' लुप्त ४. सूच्याः for (शून्या)
५. मुखतलतुल्य for (मुखतुल्यतुल्य)
४५. (घ) १. तल (ग) मुखतलयुति (च) for (मुखतुलयुतिः)
२. गणितं (ङ) for (गुणितं)
३. व्यावहारिकं (ग) (च) (ङ) for (व्यासहारिकं)
४. गणितैक्यार्द्धं (ग) मुखवगतैक्यार्द्धं for (गुणैक्यार्द्धं)
५. मौद्रम् (ड्रम्) (ग) मौत्र for (मौच्चम्)
(ग) ६. गुणम् for (गणित)
(च) १. मुखतलयुति for (मुखतुलयुतिः)
४. गणितैक्यार्द्धं (ङ) for (गुणैक्यार्द्धं) ५. मौध्रम् for (मौच्चम्)
(ङ) १. मुखतलयुति for (मुखतुलयुतिः)
६. +स्याद्+ ५ मौत्रम् for (मौच्चम्)
४६. (घ) १. छेषम् (ग) च्छेषम् for (छेषम्)
(ग) २. औंद्र for (उद्र)
(च) २. तुद्र for (उद्र) १. छेषं for (छेषम्)
(ङ) २. औत्र for (उद्र) ३. भजेत् त्रिभिः शेषम् for (त्रिभिर्भजेच्छेषम्)
४. भवति फलं सूक्ष्मम् for (फलंभवतिसूक्ष्मम्)