भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 567

( १८१ ) मध्योत्तरमेकोनार्याः पंचाशस्त्रयोदशोध्यायः । ज्ञात्वैनं तंत्रविदामाचार्यो भवति मध्यगतौ ॥ ४६ ॥ इत्तित्रयोदशोऽध्यायः इति ब्राह्मस्फुटसिद्धान्ते मध्यगतिप्रश्नोत्तराध्यायः त्रयोदशः । ४६ (घ) १. पंचाशत्त्रयोदशोध्यायः (ग) पंचशत्त्रयोदशोध्यायः for (पंचाशस्त्रयोदशोध्यः) (ग) २. नार्या for (नार्याः) ३. 'इति' से 'अध्यायः' तक अंकित नहीं, केवल समाप्तिसूचक ॥ छः ॥ ॥छः ॥ ॥ छः ॥ अंकित है । (च) १. पंचाशत्त्रयोदशोध्यायः for (पंचाशस्त्रयोदशोध्यायः) ३. 'इति' से 'अध्यायः' तक लुप्त.