ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( २२४ ) पर्वैदो:^१ पक्षांते प्रागाधिकोना^२ युतिर्भ^४वति पश्चात् । तन्मध्ये न ग्रहणं यदि भानो: पंच जिनभरसा:^३ ॥ ३० ॥ इंदोर्विषया^३ द्वितमा^१ दिवाकरा त्रिविषया^४स्तदुच्चस्य^५ । व्योमातिधृति^६द्वियुगानि^२ रसशरांश^७श्चन्द्रपातस्य ॥ ३१ ॥ ख^८ नंदा द्वियमा:^४ खाब्धयो^५ गृहाद्या^१ यथेष्ट^१० पर्वगुणाश्रे^२प्या: । पर्वाण्येष्यति^३ शोध्या:^६ पातेऽ^७न्यथातीते ॥ ३२ ॥
३० (घ) १. पर्वैदा: for (पर्वैदो:) २. प्रागधिको (ग) (च) for (प्रागाधिको)
(ग) ३. रसा for (रसा:)
(ङ) २. प्रागधिकोना for (प्रागाधिकोना) ४. “युतिर्” लुप्त
३१ (ङ) १. द्वियमा (ग) (च