भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 614

( २२८ ) मध्यस्य दिनांत्य नवांतरं मिष्टघटिकाभिः । स्थित्यर्द्धनाडिकाद्रतमृणधनमूनाधिके मध्ये ॥ ४३ ॥ आद्यन्ते वांकृत्वा विक्षेपः कोटिरुक्तवद्ग्रासः । विक्षेपान्तरमेवं गुणमिष्टग्रासलिप्ताभिः ॥ ४४ ॥ मध्यग्रासकला हतमृणधन चोक्तवत्स्वविक्षेपः । तेन ग्रासात्कालः कालादसकच्च विक्षेपः ॥ ४५ ॥ ग्रहणोत्तरं न देयं शपथैरपि दत्त सुकृतं नाशाद्यैः । ग्रहणं स्फुटमिहास्फुटमार्यभटाद्यैर्यतस्तंत्रैः ॥ ४६ ॥ ४३. (घ) १. मध्यस्याद्येनांत्ये (ग) मध्यस्याद्येनांते for (मध्यस्यदिनांत्य) २. गुणितमिष्ट (ग) गुणीतमिष्ट for (मिष्ट) ३. द्वृत (ग) हृत for (द्रत) (ग) ४. घटिभि for (घटिकाभिः) ३. धनमृण for (मृणधन) (च) १. मध्यस्याद्येनांत्यनवांतरं for (मध्यस्य दिनांत्य नवांतरं) २. गुणितमिष्टघटिकाभिः for (मिष्टघटिकाभिः) ३. हृत for (द्रत) (ङ) १. मध्यस्याद्येनान्तेन for (मध्यस्यदिनांत्य न) २. वान्तरं गुणित for (वांतरं) ३. हृत for (द्रत) ४४. (घ) १. विक्षे (क्षे) यः for (विक्षेपः) (ग) २. वा कृत्वा for (वांकृत्वा) ३. विलिप्ताभिः for (लिप्ताभिः) (ङ) २. च पृष्टत्के for (वांकृत्वा) ४५. (घ) १. हतमृणांधनं (ग) हतमृणाधन (च) for (हतमृणधन) २. विक्षेण (ग) विक्षेपं for (विक्षेपः) ३. दसकृच्च (ङ) (च) for (दसकच्च) (ग) ४. वोक्त for (चोक्त) ५. ख for (स्व) ६. कालदसत्कृच्चविक्षेप for (कालादसकच्च विक्षेपः) (च) २. विक्षे for (विक्षेपः) (ङ) १. हतमृणांधन for (हतमृणधन) ४६. (ग) १. 'स्फुट' लुप्त है। २. 'मिहा' लुप्त है। ३. तंतैः for (तंत्रै) (च) ४. सुक्रत for (सुकृत) १. स्पष्ट for (स्फुट) (ङ) ४. सुकृतनाशाय for (सुकृतनाशाद्यैः) २. मार्यभट for (मिहास्फुट) ५. श्रीषेणाद्यै for (मार्यभटाद्यै) ३. र्यतस्तन्न for (र्यतस्तंत्रैः)