ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( २३२ ) गृहयोगेंदुच्छाया गृहदयोस्तमयभगृहयुतीनाम् । तत्स्वक्रान्तिज्याद्युत्तराणि भगृहयुतौ न पृथक् ॥ ६ ॥ इति परिलेखाध्यायः शशांक शृंगोन्नतेर्भुजाद्येषु । शशिभृङ्गोन्नत्युत्तरमार्यादशकेन सप्तदशः ॥ १० ॥ इत्ति सप्तदशाध्यायः समाप्तः
६. (ग) १. ग्रहोदयास्त (च) (ङ) for (ग्रहदयोस्त)
२. मुनिनां for (युतीनाम्) ३. तत्क्रान्तिज्याप्पा (घ) for (तत्क्रान्तिज्याद्यु)
४. पृथक् for (पृथक्)
(च) ५. द्या for (ज्या)
(ङ) २. ग्रह मुनीनां for (ग्रह युतीनां)
३. तत्क्रान्तिज्या for (तत्स्वक्रान्तिज्या)
५. प्रश्नोत्तराणि for (द्युत्तराणि)
१०. (घ) १. भुजोज्येषु (ग) भुजाद्येषु for (भुजाद्येषु)
२. 'इति' से 'समाप्त' तक अंकित नहीं है ।
(ग) ३. : लुप्त हैं ५. शृंगोन्युत्तर for (शृङ्गोन्नत्युत्तर)
६. मार्यादसकेन for (मार्यादशकेन)
२. इति ब्रह्मसिद्धांत सप्तदशोध्यायः for (इत्ति सप्तदशाध्यायः समाप्तः)
४. राशि for (शशि)
(च) २. 'इति' से 'समाप्तः' तक लुप्त
(ङ) २. इति श्रीब्राह्मस्फुटसिद्धान्ते शृङ्गोन्नत्युत्तराध्यायः सप्तदशः
for
(इत्ति सप्तदशाध्यायः समाप्तः)