भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

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पृष्ठ 617

( २३१ ) कर्णाग्रे चन्द्रमसं परिलिख्य^२ सितं प्रवेश्यकर्णेन । शशिबिम्बे^३ शुक्लाग्रात्परिलेखासमेन^४ सूत्रेण ॥ ४ ॥ कर्णांगतस्थेनैन्दो^१ ^३ शुक्लं परिलिख्य^४ पश्चिमाभिमुखः^५ । राशिषु मेषतुलादिषु^२ संशोध्य दिवाकरं^६ चन्द्रात् ॥ ५ ॥ पूर्वाभिमुखः कर्कटमकरादिषु भवति शुक्लसंस्थानम् । एवं वा संस्थानं परिलिख्येन्दुं^१ प्रसाध्य दिशः ॥ ६ ॥ बाहुज्यैंदुदलगुणाकर्णाविभक्ता^२ भुजोन्यदिक् चन्द्रे । कर्णोभुजागतश्चन्द्रमध्यगः^३ पूर्वच्छेषम्^१ ॥ ७ ॥ प्राच्यपरे^१ विपरीते^२ फलकेन्यत्सर्वमुक्तवत्कार्यम्^३ ^६ । शृङ्गोन्नतिपरिलेखाश्चत्वारः शीतकिरणस्य^४ ॥ ८ ॥

४. (घ) १. कर्णाग्र for (कर्णाग्रे) २. परिख्य (ग) परिलिख्य for (परिलिख्य)
(ग) ३. बिंबे सूत्रां for (बिम्बे शुक्ला)
(च) २. परिखेष्य for (परिलिख्य) ४. परिलैष for (परिलिख)
(ङ) २. परिलिख्य for (परिलेख्य)
५. (घ) १. कर्णा गतिस्थे (ग) (ङ) for (कर्णांगतस्थे) २. मेख for (मेष)
(ग) ३. नैशे for (नैन्दो) ४. परिलिख्य (ङ) for (परिलिख्य)
५. मुखम् (ङ) for (मुखः) ६. दिकारं for (दिवाकरं)
(च) १. कर्णागतिस्थेनेदो for (कर्णांगतस्थेनैन्दो)
४. शुक्लं परिलिख्य for (शुक्लं परिलिख्य)
(ङ) ३. नैशे for (नैन्दो) ७. शुक्ले for (शुक्ल)
६. (ग) १. परिलिखेन्दुं for (परिलिख्येन्दुं)
(च) २. कक्र्ट for (कर्कट) १. परिलिख्येंदुं for (परिलिख्येन्दु)
(ङ) ३. मुखं for (मुखः) १. परिलिख्येन्दू for (परिलिख्येन्दुं)
७. (घ) १. पूर्ववच्छेषम् (ग) पूर्ववश्लेषम् for (पूर्वच्छेषम्)
(ग) २. भुजात्य दिक्केन्द्रे for (भुजोन्यदिक् चन्द्रे) ३. मध्यतः (ङ) for (मध्यगः)
(ङ) २. भुजान्यदिक् for (भुजोन्यदिक्) १. पूर्ववच्छेपम् for (पूर्वच्छेषम्)
(च) १. पूर्ववच्छेषं for (पूर्वच्छेषम्)
८. (ग) १. प्राच्यररे for (प्राच्यपरे) २. विपरिते for (विपरीते)
३. मुक्तवच्छेषम् for (मुक्तवत्कार्यम्) ४. सीत for (शीत)
(च) ५. फलकेन्य सर्वमुक्त for (फलकेन्यत्सर्वमुक्त)
(ङ) ६. वच्छेषम् for (वत्कार्यम्)