भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 632

( २४६ ) कराणां¹लंबस्तत्कृति रिष्टहृतेष्टेन⁴ संयुतोऽल्पोभूः⁵ । अधिको द्विहतो² बाहु³ संक्षेप्यावद्धधो⁶ वर्गः ॥ ३८ ॥ इष्टोद्धृत कराणी¹ पदक्रतियुति³रिष्टगुणितांतरकृतिर्वा गुण्यः² । स्तिर्यगधोधो⁴ गुणकः समसद्गुणः⁵ सहितः ॥ ३६ ॥ सेष्टार्णच्छेदगुणो³ भाज्यच्छेदौ⁴ पृथक् युतावसकृत् । छेदकगत हृतो¹र्द्धो भाज्यो वर्गः समद्विवधः² ॥ ४० ॥

३८. (घ) १. करणी (ग) (ङ) for (कराणां)
२. हृत्तो (ग) (च) for (हतो) ३. बाहू (ग) बाहुः (ङ) for बाहु
(वि०—इसका संख्याक्रम ३६ है ।)
(ग) ४. हृते (च) for (हृते) ५. संयुताल्पोभूः for (संयुतोऽल्पोभूः)
६. संक्षेप्या यद्वधो for (संक्षेप्यावद्धधो)
(च) १. करणी for (कराणां) ७. (यहां क्रमसंख्या ४६ अंकित है)
(ङ) ५. संयुताल्पा भूः for (संयुतोऽल्पोभूः) ६. संक्षेप्पो यद्वधो for (संक्षेप्यावद्धधो)
३६. (घ) १. करणी (ग) (च) (ङ) for (कराणी)
२. 'गुण्य' यह पद दूसरी पंक्ति के आरम्भ में है (ग)
(वि०—इसका संख्याक्रम ४० है)
(ग) ३. पदयुतिक्रति for (पदक्रतियुति) २. गुणास्ति for (गुण्यः)
४. गुणक (ङ) for (गुणकः) ५. समस्तद्गुण सहितः ॥ ३८ ॥ for
(समसद्गुणः सहितः ॥ ३६ ॥)
(च) २. वर्गण्य for (वर्गण्यः) ६. (यहां क्रमसंख्या ४० अंकित है)
(ङ) ३. पदयुतिक्रति for (पदक्रतियुति) २. 'गुण्यः' दूसरी पंक्ति का आरम्भिक पद ।
५. समस्तद्गुणः for (समसद्गुणः)
४०. (घ) १. हृत्तो (ग) (च) (ङ) for (हृतो)
२. समद्विवधः (ग) समिद्विविधः for (समद्विवधः)
(वि०—इसका संख्याक्रम ४१ है)
(ग) ३. गुणौ for (गुणो) ४. पृथक् for (पृथक्) ५. वा भाज्यो (ङ) for (र्द्धोभाज्यो)
(वि०—इसकी क्रमसंख्या ३६ है) (ङ)
(च) ३. सेष्टर्ण्यच्छेदगुणो for (सेष्टार्णच्छेदगुणो) ६. भाद्यच्छेदौ for (भाज्यच्छेदौ)
५. द्वौभाद्यो for (र्द्धोभाज्यो) २ समद्विवधः for (समद्विवधः)
७. (वि०—यहां क्रमसंख्या ४१ अंकित है)
(ङ) ३. च्छेदगुणौ for (च्छेदगुणो) ७. युजावसकृत् for (युतावसकृत्)
२. समद्विवधः for (समद्विवधः)