भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 643

( २५६ ) गुणकयुतिरष्टगुणिता गुणिकांतरवर्गभाजिता राशिः । गुणकौ त्रिगुणौ व्यस्ताधिकौ हतावंतरेण पदे ॥ ७७ ॥ इन्दुविलिप्ताशेषं सप्तदशगुणं च यो दशगुणं च । पृथगेयुतं वर्गं कुर्वन्नावत्सराद् गणकः ॥ ७८ ॥ वर्गोनकृतियुतो नानगास्तत्संयोंतराद्वैकृतिभक्तः । तद्गुणकौ युतिवियुतौ वर्गौ घाते च रूपयुते ॥ ७९ ॥ ७७ (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ७८ है) १. गुणाकांतर (ग) (ङ) (च) for (गुणिकांतर) ३. हतावतरेण (ग) हतावंतरेण (च) (हतावंतरेण) (ग) (वि०—यह श्लोकसंख्या इस प्रति में ७० पर, तथा बनारस में मुद्रित प्रति में ७१ पर अंकित है) (च) (वि०—यहां क्रमसंख्या ७८ अंकित है) (ङ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ७१ है) ७८. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ७६ है) १. त्रयोदशं for (चयोदश) (ग) 'च'से 'च' तक लुप्त (ग) ३. गुणितं वा for (गुणं च) ३. पृथगेक (ङ) for (पृथगे) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ८१ है) (च) १. त्रयोदश (ङ) for (चयोदश) ४. (वि०—क्रमसंख्या ७६ अंकित है) (ङ) ५. चापि for (च) ७९.(घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ८० है) १. नगांस्तत्संयांतराद्धं (ग) नस्तत् संयोगांतराद्धं for (नानगास्तत्संयोतराद्धं ) (ग) २. न्यकृति for (नकृति) ३. कृतिर्भक्तः for (कृतिभक्तः) ४. तद्गुणितौ (ङ) for (तद्गुणकौ) (च) २. वर्गोन्यकृति for (वर्गोनकृति) १. नगांस्तत्संयोतराद्धं for (नानगास्तत्संयोतराद्धं) ४. तद्गुणको for (तद्गुणकौ) ५. (वि०—यहां क्रमसंख्या ८० है) (ङ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ७२ है) २. वर्गोऽन्यकृति for (वर्गोनकृति) १. नस्तत् for (नानगास्तत्) ५. वर्गो for (वर्गौ) ६. संयोगान्तरार्ध for (संयोंतराद्धं)

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