भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 653

( २६६ ) इष्ट दिवसाद्धं घटिका घटिका च ^१द^२शकांतंर प्राणाः । तद्दिवसचरप्राणास्तैरक्षं साधयेत्प्राग्वत्^३ ॥ ६ ॥ ज्ञातः सार्द्धा उदयैरस्तांतरनाडिकाभिरधिको नः । ज्ञातात्पूर्वापरयोर्ज्ञेयो ^२भार्द्धोनके ^३ज्ञयः ॥ १० ॥ ^२ज्ञात^३ज्ञेयग्रहयोरुदयंतरनाडिकाभिरधिकोनः^४ । उदयैर्ज्ञातो^५ ज्ञाताज्ञेये^६ प्रागधरयोर्ज्ञेयः^७ ॥ ११ ॥ ज्ञातं कृत्वा मध्यं भूयोन्यदिने तदंतरं भुक्तिः । त्रैराशिकेन मुत्तचा^१ कल्पग्रहमंडलानयनम् ॥ १२ ॥ स्थित्यर्द्धाद्विपरीतं तमः प्रमाणं स्फुटं ग्रहणे^१ । मानोदयाद्र्वौद्धोर्घटिकावयवेन भोदयतः ॥ १३ ॥

६. (घ) १. पंचदशकांतंर for (चदशकांतंर)
(ग) २. दशांतर for (दशकांतंर)
३. प्रास्नात् for (प्राग्वत्)
(ङ) शी० + अथोत्तराणि +
१. २. पंचदशांतंर for (चदशकांतंर)
१०. (च) (वि०— यह श्लोक यहां ११ वीं क्रमसंख्या पर अंकित है)
१. ज्ञेये for (ज्ञेयो) २. भार्द्धोनको for (भार्द्धोनके)
३. ज्ञेयः (ङ) for (ज्ञयः)
(ङ) (वि०— यहां इसकी क्रमसंख्या ११ है)
११. (घ) १. परयो for (धरयो) (ग) प्रागंपरो for (प्रागधरयो)
(ग) २. स्थान रिक्त है, ३. 'ज्ञेय' अक्षर लुप्त है ४. नम् for (नः)
५. ज्ञातो for (ज्ञांतो) ६. ज्ञाताज्ञेय for (ज्ञाताज्ञेये)
७. ज्ञेयः for (ज्ञैयः)
(वि०— इसकी क्रमसंख्या १० है)
(च) १. प्रागपरयो for (प्रागधरयो)
८. (वि०— इसकी क्रमसंख्या १० अंकित है)
(ङ) ६. ज्ञाताज्ज्ञेयः for (ज्ञाताज्ञेये)
१२. (घ) १. भुत्तचा (ग) (च) (ङ) for (मुत्तचा)
१३. (घ) १. शशिग्रहणे for (स्फुटं ग्रहणे)