भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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तातदन्तर" - "हता तदन्तर". If the variant connects them as "हन्तर"? Wait, look at the letter: it's definitely 'ह' (हन्तर)! Wait, look at footnote: "५. हन्तर for (तदन्तर)". Yes, it is हन्तर!

Line-by-line mapping: ( २७० ) दीपफलशंकुतलयोरंतरमिष्टप्रमाणशंकुगुणम् । (Wait, दीपफल or दीपफल? No, दीप"तल"! दीप-तल-शंकु-तलयोः. Yes, दीपफल? No, दीप-त-ल! It's दीप-तल: दी, प, त, ल). दीपशिखौ⁴च्याच्छं¹कुं विशोध्य शेषो²द्धृतं छाया³ ॥ १४ ॥ शंकुवंतरेण गुणिता छाया छायांतरेण भक्ता भूः । स³ छाया शंकुगुणा दीपोच्च्यं¹ छायाया भक्ता² ॥ १५ ॥ ज्ञात्वा शंकुच्छाया³ मनुपातात्²साधयेत्समुच्छ्रायान्⁴ । गृहचैत्यतरु नगानामौच्च्यं⁵ विज्ञायव¹च्छायाम् ॥ १६ ॥ दृष्टि⁴ गृहौच्च्यैवच¹ हतातदन्तर⁵धरादगौच्च्य² गुणि