भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 665

( २८१ ) लघवोत्पो$^१$ राश्यंशा$^२$ महति महतो$^३$ ऽल्प$^६$वृत्तमल्पेन$^७$ । पूरयंस्तींदुर्महता$^४$ कालेन महाशनैश्चारी$^५$ ॥ १४ ॥ यन्मूलं तध्वासो मंडललिप्ता कृतेर्दशहतायाः$^२$ । तस्यार्द्धं$^३$ व्यासाद्धं$^४$ योजनकर्णप्रमाथार्थम्$^५$$^६$ ॥ १५ ॥ भगणकलाव्यासाद्धं भवति कलाभिर्यतो$^२$ न सकलाभिः$^३$ । ज्यार्द्धानि न स्फुटानि ततः$^१$ कृतं व्यासदलमन्यत् ॥ १६ ॥ राश्यष्टांशेष्टांकांत्यदसंधिभ्यः$^१$ क्रमोक्रमात्कृत्वा$^२$ । बध्‍नीयात् सूत्राणि$^३$ द्वयोर्द्वयो ज्यास्तदर्द्धानि ॥ १७ ॥

१४. (घ) १. लघवोऽल्पे for (लघवोत्पो) २. राशंशा (च) for (राश्यंशा)
३. महांतो (ग) (ङ) for (महतो)
४. पूरयतींदुर्महंता (ग) पूरयतींदुर्महता (ङ) for (पूरयंस्तींदुर्महता)
५. महशनैश्चारी (ग) महच्छनैश्चारी (ङ) for (महाशनैश्चारी)
(ग) ६. ल्पवृत्त for (ऽल्पवृत्त) ७. मन्येन for (मल्पेन)
(च) ४. पूरयंती दुर्महता for (पूरयंस्तींदुर्महता)
५. महशनैश्चारी for (महाशनैश्चारी)
(ङ) १. लघवोऽल्पे for (लघवोत्पो)
१५. (घ) १. तद्वचासो (ग) (ङ) for (तध्वासो) २. कृतेर्दं श (ग) for (कृतेर्दश)
३. नस्यार्द्धं for (तस्यार्द्धं) ४. व्याद्धं for (व्यासाद्धं)
५. कर्णामाणार्थम् (ग) (च) कर्णं प्रमाणार्थम् for (कर्ण प्रमाथार्थम्)
(च) १. तद्वचासो for (तध्वासो) २. ईंशहतायाः for (र्दशहतायाः)
४. दघासाद्धं for (व्यासाद्धं)
(ङ) ६. प्रमाणार्थम् for (प्रमाथार्थम्)
१६. (घ) १. + (च) + (ङ)
(ग) २. यंतोर्यतो for (यं तो न)
(ङ) ३. सविकलं हि for (सकलाभिः)
१७. (घ) १. ष्वंकानपद (ग) for (ष्टांकांत्यद)
२. क्रमोत्क्रमात्कृत्वा (ग) (ङ) for (क्रमोक्रमात्कृत्वा)
३. सूत्राणि (ग) (च) (ङ) for (सुत्राणि)
(च) १. ष्वंकान्यद for (ष्टांकांत्यद) ग. क्रमोत्क्रम। कृत्वा for (क्रमोक्रमा कृत्वा)
(ङ) १. राश्यष्टांशेष्वङ्कान् for (राश्यष्टांशेष्टांकांत्)
४. पदसन्धिभ्यः for (यदसंधिभ्यः)