ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २८२ ) ज्यार्द्धानि ज्यार्द्धानां ज्याखंडान्यन्तराणि तन्त्ये¹ च। व्यस्तान्यं³ तदेथ विषुरू² क्रमज्या धनुस्ताभ्याम् ॥ १८ ॥ एक द्वित्रि³ गुणाया व्यासार्द्ध कृतेः¹ पृथक् चतुर्थेभ्यः। मूलान्यष्ट⁴ द्वादश षोडष² षडान्यतो⁵ न्त्यानि ॥ १९ ॥ तुल्यक्रमोक्रम¹ समज्या⁶ खंडक⁴ वर्ग युतिभगिम्²। प्रोह्यानष्टं³ व्यासार्द्धं वर्गंतस्तत्पदे⁵ प्रथमं ॥ २० ॥ तद्दलखण्डानि तदुन¹ जिन समानि द्वितीयमुत्पत्तौ²। कृतयमवैक दिगीशेषु सप्तरसगुणा³ नवादीनाम् ॥ २१ ॥ एवं जीवा खंडान्यल्पानि बहूनि¹ वाद्यखण्डानि²। ज्यार्द्धानि³ वृत्तपरिधेः षष्टचतुर्थत्रिभागानाम् ॥ २२ ॥ १८. (घ) १. तान्येव (ग) (ङ) (च) for (तन्त्ये च) २. वेषु (ग) पाद्यतेषु for (विषुरूक्रमज्या) (ग) ६. व्यस्तान्यत् for (व्यस्तान्यं) ३. व्यस्तान्यताद्य तेषु for (व्यस्तान्यं तदेथ विषु) २. तेषुरुत्क्रमज्या for (विषुरूक्रमज्या) (ङ) ३. व्यस्तान्यन्त्यादथ for (व्यस्तान्यं तदेथ) २. वेषुरुत्क्रमज्या for (विषुरूक्रमज्या) १९ (घ) १. कृतेः (ग) (च) (ङ) for (कृतेः) २. षोडश (ग) (च) (ङ) for (षोडष) (ग) ३. द्विगुणाया for (द्वित्रिगुणाया) ४. मूलात्यष्ट for (मूलान्यष्ट) ५. षंडान्यतो for (षडान्यतो) (ङ) ५. खण्डान्यतोऽन्यानि for (षडान्यतोन्त्यानि) २०. (घ) १. तुल्यक्रमोत्क्रम (ग) (च) (ङ) for (तुल्यक्रमोक्रम) २. चतुभगिम् (ङ) for (भगिम्) ३. प्राज्यानष्टं (ग) प्राह्यानष्टं for (प्रोह्यानष्टं) (ग) ४. खंड for (खंडक) ५. वर्गं स्तत्पदे for (वर्गंतस्तत्पदे) (च) ३. प्रोज्यानष्टं for (प्रोह्यानष्टं) (ङ) ६. ज्यासम for (समज्या) २१. (घ) १. तदून (ग) (च) (ङ) for (तदुन) (ग) २. (वि०—'द्वितीय' पद लुप्त है) (च) ३. गुणनवादीनाम् (ङ) for (गुणानवादीनाम्) २२. (घ) १. बहूनि (ग) (च) (ङ) for (बहूनि) २. षंडानि (च) for (खण्डानि) (ग) ३. ज्यार्धनिवृत्तिपरिधेः for (ज्यार्द्धानिवृत्तपरिधेः) (के) २. वा