ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
पृष्ठ 687, कुल 737 में से
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ं: It has प्र, ोmatra, thenशwithच? Or हwithय? Wait, look at line 14: ४. प्रोज्यपद for (प्रोह्यपद)In line 10:प्रोthenश्च? Wait, श्+चisश्च. Yes, प्रोश्चपदं`!
Let's check line 13:
(च) १. शंकुतलग्नांतर for (शंकुतलनांतर) २. दिशौ for (दिशो)
Wait, does it say (शंकुतलनांतर) or (शंकुतलानांतर)?
It says (शंकुतलनांतर) - without the ा on ला!
Let's check line 14:
३. कृतेः for (कृतेः) ४. प्रोज्यपद for (प्रोह्यपद)
Wait, in line 14, ३. कृतेः for (कृतेः)? Why would it say कृतेः for (कृतेः)?
Wait, in the main text (line 3): कर्णकृतेः!
Wait, in line 14: is it कृतेः or कृतिः?
Look at the first word in line 14:
३. कृतेः? No! The matra is ि: `३. कृति