भारतकोश
ब्रह्मसूत्र (शाङ्करभाष्य सहित)

ब्रह्मसूत्र (शाङ्करभाष्य सहित)

Brahma Sutras with Shankara Bhashya - Gita Press

महर्षि बादरायण / आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: गीताप्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस गोरखपुर · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished417 पृष्ठ

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२८० वेदान्त-दर्शन [ पाद ३ निवासस्थान् हृदयगुहामे छिपे हुए और अपने सत्यस्वरूपका अनुभव करनेवाले ( जीव और ईश्वर ) दोनो है, जो कि छाया और धूपकी भाँति भिन्न स्वभाववाले है। ऐसा ब्रह्मवेत्ता कहते है।' ( क० उ० १ । ३ । १ )। इन सभी स्थलोमे द्विवचनान्त शब्दोका प्रयोग करके जीव और ईश्वरको परिच्छिन्न स्थल—हृदयमें स्थित बताया गया है। इससे सिद्ध होता है कि तीनो जगह कही हुई विद्या एक है। इसी प्रकार जहाँ-जहाँ उस परब्रह्म परमेश्वरको प्राणियोके हृदयमे स्थित बताया गया है, उन सब स्थलोमे वर्णित विद्याकी भी एकता समझ लेनी चाहिये। सम्बन्ध—अब परमात्माको सर्वान्तर्यामी बतलानेवाली श्रुतियोंपर विचार आरम्भ करते हैं— अन्तरा भूतग्रामवत्स्वात्मनः ॥ ३ । ३ । ३५ ॥ भूतग्रामवत्=आकाशादि भूतसमुदायकी भाँति (वह परमात्मा); स्वात्मनः = साधकके अपने आत्माका भी; अन्तरा =अन्तरात्मा (अन्तर्यामी है); (आमननात्)= क्योकि यही बात अन्य श्रुतिमे कही गयी है। व्याख्या—राजा जनककी सभामे याज्ञवल्क्यसे चक्रायणके पुत्र उषस्तने कहा कि 'जो अपरोक्ष ब्रह्म है, जो सबका अन्तरात्मा है, उसको मुझे समझाइये।' तब याज्ञवल्क्यने कहा—'जो तेरा अन्तरात्मा है, वही सबका है।' उसके पुनः जिज्ञासा करनेपर याज्ञवल्क्यने विस्तारसे समझाया कि 'जो प्राणके द्वारा सबको प्राणक्रियासम्पन्न करता है।' आदि। उसके बाद उषस्तके पुनः पूछनेपर बताया कि 'दृष्टिके द्रष्टाको देखा नहीं जा सकता, श्रुतिके श्रोताको सुना नहीं जा सकता, मतिके मन्ताको मनन नहीं किया जा सकता, विज्ञातिके विज्ञाताको जाना नहीं जा सकता, यह तेरा अन्तरात्मा ही सबका अन्तरात्मा है' (बृह० उ० ३ । ४ । १, २)। फिर कहोलऋषिने भी वही बात पूछी कि 'जो साक्षात् अपरोक्ष ब्रह्म है, जो सबका अन्तरात्मा है, उसको मुझे समझायें।' याज्ञवल्क्यने उत्तरमे कहा कि 'जो तेरा अन्तरात्मा है, वही सबका अन्तरात्मा है। जो भूख, प्यास, शोक, मोह, बुढ़ापा और मृत्यु सबसे अतीत है' इत्यादि (बृह० उ०३ । ५ । १)। इन दोनो प्रकरणोको दृष्टिमें रखकर इस तरहके सभी प्रकरणोंका एक साथ निर्णय करते हैं। यहाँ यह प्रश्न उठता है कि 'इसमे जो अन्तरात्मा बतलाया गया है, वह