बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
DevanagariHindipublished800 पृष्ठ
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अथ द्वितीयोऽध्यायः । ६२३ कालबलचक्र।
| सू. | चं. | मं. | बु. | बृ. | शु. | श. | ग्रह |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ० | १ | २ | १ | २ | १ | १ | अंश |
| ५४ | ५४ | १७ | ३८ | २७ | १२ | ३२ | कला |
| ५० | ५२ | ५२ | २५ | ० | ० | ५२ | विकला |
| अयनबलसाधन- | |||||||
| आधाने चित्रवेशे तु त्रिंशच्छरजलकराः । | |||||||
| सायनांशग्रहभुजराशीनिष्खब्धिभिः सुरैः ।।२१।। | |||||||
| सूर्यैर्हत्वा क्रमाद्राशिभागः स्यादा्नुपातः । | |||||||
| एवं राश्यादिके युंज्यादर्करायोर्शनः सु च ।।२२।। | |||||||
| राशित्रयमथो युंज्यान्मेषादिस्थेषु तेष्वथ । | |||||||
| तुलादिस्थेषु राश्यादींस्त्रिराशिभ्यस्तु वर्जयेत् ।।२३।। | |||||||
| चन्द्राकर्योर्विपरीतं स्यात्सदा युंज्याद्बुधस्य तु । | |||||||
| भागीकृत्य त्रिभिर्भक्तं ग्रहाणामयनं बलम् ।।२४।। | |||||||
| अयनांश युत ग्रह के भुज राशि के तुल्य ध्रुवांक से ४५।३३।१२ गुण कर | |||||||
| ३० से भाग देकर लब्धि में गतखंड को जोड़कर राश्यादि बनाकर तुलादि ६ राशि | |||||||
| में ३ घटा देना मेषादि ६ राशि में हो तो ३ जोड़ देना। परन्तु चन्द्र शनि में विलोम | |||||||
| करना अर्थात् तुलादि में जोड़ना और मेषादि में घटाना, बुध में सर्वदा ३ राशि | |||||||
| जोड़ना और अंश करके ३ से भाग देने से अयनबल होता है किन्तु सूर्य के बल | |||||||
| को दूना करने से अयन बल होता है। २१+२४। | |||||||
| उदाहरण- सूर्य ३।१८।२६।३४ इसमें अयनांश २१।५१।१८ जोड़ने | |||||||
| से ४।१०।१७।५२ हुआ इसका भुज बनाने से १।१९।४२।८ हुआ, यहाँ पूर्वोक्त | |||||||
| नियम के अनुसार १ राशि का ध्रुवांक ३३ प्राप्त हुआ, इससे अंश कला विकला | |||||||
| को गुण देने से ६५१।६।२४ हुआ इसमें गतखंड ४५ को जोड़ देने से | |||||||
| ९६।६।२४ इसका राशि कर मेषादि में होने से ३ राशि जोड़कर राशि के अंश | |||||||
| बनाकर इसमें ३ का भाग देने से लब्ध ६२।२।२ यह सूर्य का अयन बल हुआ | |||||||
| इसी प्रकार अन्य ग्रहों का भी साधन करना। | |||||||
| अयनबलचक्र। | |||||||
| सू. | चं. | बं. | बु. | बृ. | शु. | श. | ग्रह |
| :-: | :-: | :-: | :-: | :-: | :-: | :-: | :-: |
| १२४ | १ | १७ | ४६ | ४२ | ५९ | ५३ | अंश. |
| ४ | ५१ | ११ | ० | ३८ | ११ | ५९ | कला |
| ४४ | ३० | ४३ | ४५ | ५० | १५ | ४७ | विकला |