बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें६६६ बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् । समुदायाष्टक वर्ग में जिस राशि में ७ रेखा हो उस राशि के सूर्य के मांस में मृत्युभय होता है। इसकी शान्ति के लिये २० पल सुवर्ण और दो तिल का पर्वत दान करना चाहिये॥६१॥ वसुभिर्जातिहीनः स शीघ्रं मृत्युवशो नरः । असतफल विनाशाय दद्यात्कर्पूरजां तुलाम् ॥६२॥ जिस राशि में ८ रेखा हो उस मास में जातिभ्रष्टता और मृत्युभय होता है अशुभफल के नाशार्थ कंपूर का तुलादान करना चाहिये॥६२॥ रेखाभिः नवभिः सर्पान्म्रियते मनुजो ध्रुवम् । अश्वैश्चतुभिः संयुक्तं रथं दद्यात्शुभाप्तये ॥६३॥ जिस राशि में ९ रेखा हो उस मास में सर्प से मृत्यु का भय होता है। इसकी शान्ति के लिये चार घोड़ों के रथ का दान करना चाहिये॥६३॥ रेखाभिर्दशभिः शस्त्रात्राणास्त्यजति मानवः । दद्याच्छुभफलावाप्त्यै कवचं वज्र संयुक्तम् ॥६४॥ जिस राशि में १० रेखा हो उस मास में हथियार की चोट से मृत्यु की संभावना होती है। वज्र सहित कवच का दान करना चाहिये॥६४॥ रुद्रैः प्राप्याभिशापं च प्राणैर्मुक्तोभवेन्नरः । दिक्पलैः स्वर्णघटितां प्रदद्यात्प्रतिमां विधोः ॥६५॥ जिस राशि में ११ रेखा हो किसी के शाप के कारण मृत्युभय होता है अतः शान्त्यर्थ १० भरी सुवर्ण की चन्द्रमा की मूर्त्तिदान करना चाहिये॥६५॥ आदित्यैर्जलदोषेण मानवस्य मृतिंवदेत् । भूमिं दद्यात् ब्राह्मणाय तस्माच्छुभफलंभवेत् ॥६६॥ जिस राशि में १८ रेखा हो उस मास में जलदोष से मृत्यु की संभावना होती है अतः शान्त्यर्थ ब्राह्मण को भूमि का दान करे॥६६॥ त्रयोदशमितैर्व्याघ्रान्मानवो मृत्युमाप्नुयात् । विष्णोर्हिरण्यगर्भस्य दानं कुर्याच्छुभाप्तये ॥६७॥ जिस राशि में १३ रेखा हो उस मास में व्याघ्र से मृत्यु का भय होता है अतः शान्त्यर्थ हिरण्यगर्भ (शालिग्राम) विष्णुमूर्त्ति का दान करने से शुभफल होता है॥६७॥