भारतकोश
चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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२ २ ४० ( रीकैण्ड्स ९ ) बाज नमूदने खुपारदार पैगामे-बावन व कबूल कर्द्ने महर व दहानीदने नेग (ब्राह्मणके बावनका सन्देश कहनेके पश्चात् महरका उसे स्वीकार करना नेग दिलाना ) बाँभन टीक बोल कै पहू । बरठ चाँद रहु मोर बढ़ाई ॥१ तूँ नरिन्द देस कइ राऊ । तोफइँ बरहि न आवइ फाऊ ॥२ रास गुनित फर नाँवँ न छीजा । राइ बीव घर बेटी दीजा ॥३ दयी लाग काज जो करा । ताकर धरम दुहूँ जग घरा ॥४ बाँभन बोल महर जो मानाँ । गोष क बनिज दिवाई पाना ॥५ सेंदुर फुछ चढ़ाये, भी मोविह गलबार ।६ देत चाँदा बावन कइँ, बीर लाउ फरतार ॥७ ४१ ( रीकैण्ड्स ११ ) बाज गप्तन खुपारदार व हम्माम व बाज गुफ्तन बैसियत निकाह वर जीव (ब्राह्मण और नाईका आपस आउर जीवसे सगाईकी बात कहना ) तेल फुलेल दुवठ अन्हवाये । अपूरुव वस्त्र काढ़ि पहिराये ॥१ महर मंदिर जेइहिं सेवनारा । छीन्हि पान मये असबारा ॥२ दसी असीस फिरामी बागा । रहस भले बोल भल लागा ॥३ जानि सीव घर देस बघाइ । घरी चाँद बावन कइँ पाई ॥४ पह भयी निसि अँधियार बिहावा । करहु बियाह चाँद घर जावा ॥५ जीव सुठाम सांग कहुँप, जिन सुनइ एक सस आइ ।६ महर दत बावन कइँ चाँदा, पलहु पियाहिं आइ ॥७ टिप्पणी—अन्हवाये—स्नान कराया।