चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१२२ (४) सिकरी—गलैम पहनेकी जंजीर। (९) चूरा—पैरमैं पहननेकी चूड़ियों छड़ा। पायक—(सं पादपद्म> पायवाक>पायक>पायक) पायजेब, झाँझर। ९६ (रीकैन्ड्स ५४) ब्यान कर्रन बाशिर सिफ्ते पौदा व इस्तेआदे कूच करदने राय (रूप वर्णन सुनकर राय द्वारा कूचकी तैयारी) सब सिंगार बामिर धो कहा। राजा नैन बैतरनी बहा ॥१ राइ कहा सुन बाँठा जाई। राजहूँरे फेरि देहु दुहाई ॥२ राउत पायक साझन पारी। खेतस करि ले आठ हँकारी ॥३ जाँवंत मरे देस मोर आनाँ। ताँवत बाइ पठउ परधानाँ ॥४ सिहि लग बाँधे आने काछा। मार बिपारी जो घर आछा ॥५ राजा चला मरेख, साँभर लेइ सँजोइ। ६ आगें दधि कै चला वह, पाछें रहे न कोइ ॥७ टिप्पणी—(२) राजहूँरे—राजपुत्रों में। (३) राउत—(सं राजपुत्र>रामठउ>राउअ>राउत्त) यहाँ तात्पर्य सामन्तोंसे है। पायक (सं पदातिक>पाइक) पैदल सैनिक। खेतस—शीघ्र। (५) काछा—कच्छ। ९७ (रीकैन्ड्स ५५) सिफ्ते दर इस्तेआदे यौवब (कूचकी तैयारी) ढाँके तबल मेघ जनु गाजे। घर-घर सबही राउत साजे ॥१ अगनित बीर बहुत धनुकारा। सात सहस चले फैँतकारा ॥२ नवइ सहस घोड़ पाखरे। ताखूँ सरुवाँ ठावँ खरे ॥३ चढ़े आयें लाख असवारा। लाख गयाँ औ परधारा ॥४ एक सहस फरफार पठावा। तूरों लीगाँ अन्त न पावा ॥५