चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
पृष्ठ 445, कुल 520 में से
संदर्भ में पढ़ें४१ गयी। उसने उसका चाकूको तालाबमें फेंक दिया। बीर बढ़था चाकू लेने तालाबमें कूदा और कीचड़में फँस गया। जबतक वह वहाँसे निकल पाये, चन्दैनी अपने घरमें घुस गयी। बीर बढ़था गुस्सेमें भरा गलीमें चक्कर लगाने लगा। कोई भी लड़की उसके डरसे पानी भरने नहीं निकलती। अहीरके लड़के मारे डरके गाय चराने नहीं जाते। गायें तबेलेमें पड़ी-पड़ी मरने लगीं भैंसे छनमें से खींचकर घास चबाने लगीं। लोग घरमें पड़े-पड़े भूखसे अलबले होने लगे। जिनके घरमें कुआँ था, वे तो कुछ खा पका लेते थे। जिनके पास नहीं था वे जानवरोंकी तरह प्याससे छटपटाने लगे। यह देखकर चन्दैनीकी माँ बोली—मुझे तो तीनों लोकमें अकेला वीर लोरिक ही एक आदमी ऐसा दिखाई देता है जो बीर बढ़थाको मार सकता है। और कोई दूसरा नहीं तो दिखाई देता। यह कहकर लाठी टेकती हुई बुढ़िया लोरिकके घरकी ओर चल पड़ी। वह छोटी-छोटी गलियों फिर छोटे-बड़े बाजारोंको पार करती हुई वहाँ पहुँची जहाँ लोरिक सोया हुआ था। जाकर बोली— तुमसे मैं क्या कहूँ नाक कटना है तो जातका चमार, नीच पर है वह मोटा। उसने मेरी लड़कीपर हाथ लगाया है। उसकी इज्जत बचानेमें सब लोग असमर्थ हैं। यह सुनते ही लोरिक खाटसे उठ पड़ा और अपनी लाठी कठ उठाकर चलने लगा। तभी घरके भीतर छिपी मँजरियाने उसे देख लिया। उसकी पत्नीने आकर रोका। बोली—मत जाओ ईश्वरके लिए मत जाओ। वह चमार महाधूर्त है उसे तुम हरा न सकोगे। हट जा मनजरिया—लोरिक बोला—है तो चमार ही। भला वह मुझे कैसे हरायेगा ? अगर मैं उसे भून न डालूँ तो मैं अपनी मूँछ कटा डालूँगा। मनजरिया बोली—उसे हरानेका एक ही उपाय है। उसे ऐसी जगह लिवा जाओ जहाँकी जमीन बहुत कड़ी हो। वहाँ पाँच हाथके अन्तरपर दो गड्ढे कमरकी गहराई तक खोदो। एक गड्ढेमें उस चमारकी बीबी तुम्हें गाड़े और दूसरेमें मैं उस बढ़थाकी गाड़ूँ। जो उसमेंसे पहले निकलकर दूसरेको पीटे, वही विजयी माना जाय। अच्छा तो जल्दीसे तैयार हो जा मनजरिया।—लोरिकने कहा। मनजरिया सज धजकर सिरपर मथिलाइयोंकी थाल रखकर चल पड़ी। आगे-आगे लोरिक चला उसके पीछे बुढ़िया और सबसे पीछे मनजरिया। गलीमें मकानके सामने बढ़था टहल रहा था। देखते ही लोरिक चिल्लाया—रास्तेसे हट बढ़था नहीं तो लाठीसे तेरा सिर तोड़ दूँगा तेरी बसौली बाहर निकल पड़ेगी। हट जाओ लोरिक नहीं तो ऐसी मार मारूँगा कि तेरी बसौली तेरे पेटमें समा जायेगी। तब लोरिक बोला—हो सकता है कि मैं तुमको न मार सकूँ लेकिन तुम
- मुझको नहीं मार सकते। अच्छा हो व था