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चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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१७ ३ पारणक-पन्द्रह मात्राओंका पद । इसमे तीन मात्राएँ लघु होती हैं। कहीं कहीं लघु गुरु रूप भी मिलता है। आठ यमकों वाली बात भी केवल सिद्धान्त रूप है। उपलब्ध अपभ्रंश काव्यों के कड़बकोंमे ६ से लेकर २० २५ यमक तक पाये जाते हैं। ये इस बातके द्योतक हैं कि कवियोंने आठ यमकों वाला नियम कभी भी कठोरताके साथ पालन नहीं किया। घत्ताके द्विपदी, चतुष्पदी अथवा षट्पदी होनेका विधान है पर अधिकांश घत्ता चतुष्पदी ही पाये जाते हैं। घत्ताक प्रत्येक पद सात मात्राओं से लेकर सत्रह मात्राओंके हुआ करते थे। पदोंकी व्यवस्थाके अनुसार घत्ताके तीन रूप कहे गये हैं-(१) समसम (२) अर्धसम और (३) अन्तरसम। समसम घत्तामें चारों पदोंकी मात्राएँ समान होती हैं और मात्राओंकी संख्याके अनुसार सर्वसम घत्ताके नौ रूप कहे गये हैं। अर्धसम घत्तामें प्रथम दो पदोंकी मात्राएँ एक समान और अन्तिम दो पदोंकी मात्राएँ पहले दो पदोंसे भिन्न किन्तु परस्पर समान होती हैं। मात्राओंकी संख्या-गणनाके अनुसार अर्धसम घत्ताके ११ रूप बताये गये हैं। अन्तरसम घत्तामे प्रथम और तृतीय पदोंकी और द्वितीय और चतुर्थ पदोंकी मात्राएँ समान होती थीं और वह प्रघादबद्ध होता था। अन्तरसम घत्ताके भी मात्रा-भेदसे ११ रूप होते थे। इस प्रकार घत्ताके रूपमें १२१ छन्द रूपोंके प्रयोगका विधान अपभ्रंशके पिंगल शास्त्रोंमे पाया जाता है। इन तथ्याको यदि ध्यानमें रखकर चन्दायनेके छन्दोंकी परखकी जाय तो स्पष्ट ज्ञात होगा कि दाऊदने कड़बकका रूप अपनाया है और उसके शरीरमें पाँच यमक रखे हैं और अन्तमें एक घत्ता दिया है। उसके सभी यमक सोलह मात्राओं वाले नहीं हैं कुछ पन्द्रह मात्राओं वाले भी हैं। चन्दायनेमे प्राप्त दोनों प्रकारके यमकोंके कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं :- सोलह मात्राएँ (बदनक) १-कंक पार अस दूँह न आवइ । चाँद सौर मँह भरम दिखावइ ॥-१।३ × × × ओइ बान देखि पाँ कगहि । पाप केत चरनहिं कर नागहिं ॥-२३।४ २-सुन्दर सोंज अरे के हीरा। चहुँ दिशि बैठि विचारथ बीरा ॥-१५।१ पन्द्रह मात्राएँ (पारणक) करै कंक बिसरेकी अर्ना । और कंक पातर कर गुर्ना ॥-२।४ इसी प्रकार दाऊदने घत्ताके भी अनेक रूपोंका प्रयोग अपने काव्यमें किया है। उनके कुछ रूप इस प्रकार हैं :-

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