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चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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७२ (ग) वावका शब्दके आरम्भमें सर्वत्र व और अन्तमें आने पर उसे प्रायः उके रूपमें ग्रहण किया गया है । (घ) शब्दके आरम्भमें आये अलिफ़को अ, आ, इ और ईके रूपमें और येको यके रूपमें ग्रहण किया गया है । (ङ) शब्दके आरम्भमें अलिफ़ और येके संयुक्त प्रयोगको ए और ऐकी औचित्य अनुसार रूपमें पढ़ा गया है । (च) शब्दके आरम्भमें अलिफ़ और वावके संयुक्त प्रयोगको प्रसङ्गानुसार ऊ, ओ औ अथवा आउ पढ़ा गया है । शब्दके अन्तमें आनेपर उसे केवल आउ माना गया है । (छ) सदा आदि शब्दोंके अन्तमें वाव और येके संयुक्त प्रयोगको प्रसङ्गा- नुसार बे अथवा वे पढ़ा गया है किन्तु क्रियापदोंमें हमें वेकी अपेक्षा वह पाठ अधिक संगत और उचित जान पड़ा है । • यदि गृहीत प्रतिके पाठमें कहीं कोई छूट या अभाव है तो वह दूसरी प्रतिसे लेकर पूरा किया गया है । इस प्रकार दूसरी प्रतिसे ग्रहण किये हुए पाठको बड़े कोष्ठक—[ ] में दिया गया है । • यदि छूटे हुए पाठकी पूर्ति अनुमानसे की गयी है तो उसे बड़े कोष्ठक [ ] में रखकर ताराङ्कित कर दिया गया है । • छूटे हुए पाठकी पूर्ति यदि किसी प्रकार सम्भव नहीं हो सकी है तो वहाँ बड़े कोष्ठक [ ] के भीतर अनुल्लङ्घ्य मात्राओंके अनुसार डैश रख दिये गये हैं । यदि कहीं लिपिकने प्रमादवश किसी शब्दको दुहरा दिया है तो ऐसे शब्दको ताराङ्कित कर दिया गया है । यदि उसने कोई अनपेक्षित अतिरिक्त शब्द रख दिया है तो पाठसे उस शब्दको निकाल दिया गया है और मूल पाठ अलग संग्रह कर दिया गया है । • इसी प्रकार कोई पाठ स्पष्ट रूपसे अशुद्ध जान पड़ा तो वहाँ सम्भावित पाठ छोटे कोष्ठक ( ) में देकर मूल पाठको अलग संग्रह कर दिया गया है । • ऐसे शब्दोंको जिनका हम समुचित पाठोद्धार करनेमें असमर्थ रहे अथवा जिनके पाठके सम्बन्धमें हमें किसी प्रकारका सन्देह है पाठके अन्तर्गत भिन्न रूपमें दिया गया है । • प्रत्येक कडवकके पाठके नीचे अशुद्ध मूल पाठ अथवा पाठान्तर देकर टिप्पणी दिये गये हैं । प्रत्येक पंक्तिसे सम्बन्धित टिप्पणियाँ पंक्ति-संख्या देकर अलग- अलग दी गयी हैं । इन टिप्पणियोंके अन्तर्गत शब्दोंका अर्थ व्याख्या आवश्यक सूचना आदि दिया गया है । किन्तु यह कार्य खूब विस्तारसे नहीं किया जा सका ।