चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
पृष्ठ 95, कुल 520 में से
संदर्भ में पढ़ेंभेजना; १९ -विरहमठका गोरखको योगी-वेष त्यागनेको कहना; १९१-गोरखका योगी वेश त्यागना; १ २-गोरखका घर छोड़ना १९३-चाँदके लिए गोरखकी विरहव्यथा १९४ १९५-गोरखके लिए चाँदकी विरहावस्था; १९६-चाँदका विरहमठ को वारंवार पाठ भेजना; १९७-विरहमठ और गोरखकी बातचीत; १९८-विरहमठ का गोरखको चाँदके आवासका रास्ता दिखाना। गोरखका चौगङ्गाडहर-प्रवेश- १ - गोरखका पाठ खरीदकर कमन्द बनाना; २ -अन्धेरी रातमें गोरखका चाँदके घरकी ओर जाना २ १-गोरखका चाँदका आवास पहचानना; ३ २- चाँदका कमन्द गिरानेका भेद; २ ३-गोरखका चाँदके आवासमें प्रवेश। चाँदका आवास- २ ४-गोरखका चाँदका शयनागार देखना १ ५-चित्रकारीका वर्णन; २ ६- सुगन्धका वर्णन २ ७-शय्याका वर्णन २४८-गोरखका चाँदको जगाना २ ९-जागकर चाँदका किकना २१०-गोरखका चाँदसे कहना; २११-चाँद का उत्तर २१२-गोरखका कथन २१३-चाँदका प्रश्न २१४-गोरखका उत्तर; २१५-चाँदका गोरखका उपहास करना; २१६-गोरखका उत्तर; २१७-चाँदका प्रेम प्रश्न २१८-गोरखका उत्तर, २१९-चाँदका अपने प्रेमके प्रति विश्वास; ३२ -गोरखका उत्तर, २२१-चाँदका मैनाकी प्रशंसा करना २२२-गोरखका उत्तर २२३-चाँदका अपना प्रेम प्रकट करना; २२४-वात-परीक्षामे रात बीतना २२ -गोरख-चाँद प्रश्न २२६-प्रातःकाल खाटके नीचे गोरखका छिपना; २२७-दासियों और सहेलियोंका आना; २२८-चाँदका बहाना बनाना; २२९-विरहमठका चाँदकी माँको सूचना देना; २३०-चाँदके माता-पिताका आना २३१-चाँदका गोरखको विदा करना २३२-गोरखको द्वारपालका देख लेना २३३-चाँदका कमरेमें लौटकर भविष्य गुनना। खारफ-मैनामें कहा-सुनी- २३४-मैनाका गोरखसे रातको गायब रहनेकी बात पूछना; २३५-महलमें पर पुरुष आनेकी बात फैलना २३६-जोगिनका मैनासे मलिनाताका कारण पूछना; २३७-जोगिनका गोरखके सम्बन्धमें अपनी अनभिज्ञता प्रकट करना २३८- मैनाका कहना २३९-जोगिनका समझाना २४ -२४१-मैनाका गोभितमें रहना २४२-गोरखका समझ जाना कि मैना बात जान गयी; २४३-मैनाका गोरखपर क्रुद्ध होकर बोलना २४४-गोरखका मैनाको धमकाना २४५-जोगिन का आकर गोरख मैनामें सुलह कराना; २४६-गोरख-मैनामें सुलह; २४७- गोरखका मैनाकी प्रशंसा करना; २४८-मैनाका उत्तर; २४९-गोरख मैनाकी प्रसन्नता।