भारतकोश
छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Chandogya Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished978 पृष्ठ

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एकादश खण्ड

४३. राजा और उषस्तिका संवाद.... ...१३१
४४. उषस्तिके प्रति प्रस्तोताका प्रश्न.... ....१३३
४५. उषस्तिका उत्तर—प्रस्तावानुगत देवता प्राण है.... ...१३३
४६. उद्गाताका प्रश्न.... ...१३५
४७. उषस्तिका उत्तर—उद्गीथानुगत देवता आदित्य है... ....१३५
४८. प्रतिहर्ताका प्रश्न.... ....१३६
४९. उषस्तिका उत्तर—प्रतिहारानुगत देवता अन्न है... ....१३६

द्वादश खण्ड

५०. शौवसामसम्बन्धी उपाख्यान.... ....१३८
५१. कुत्तोंद्वारा किया हुआ हिंकार.... ....१४२

त्रयोदश खण्ड

५२. सामावयवभूत स्तोभाक्षरसम्बन्धिनी उपासनाएँ.... ...१४४
५३. स्तोभाक्षरसम्बन्धिनी उपासनाओंका फल.... ...१४७

द्वितीय अध्याय

प्रथम खण्ड

५४. साधुदृष्टिसे समस्त सामोपासना... ...१४९

द्वितीय खण्ड

५५. लोकविषयक पाँच प्रकारकी सामोपासना... ....१५४
५६. आवृत्तिकालिक अधोमुख लोकोंमें पञ्चविध सामोपासना....१५७

तृतीय खण्ड

५७. वृष्टिविषयक पाँच प्रकारकी सामोपासना.... ...१५९

चतुर्थ खण्ड

५८. जलविषयक पाँच प्रकारकी सामोपासना.... ...१६१

पञ्चम खण्ड

५९. ऋतुविषयक पाँच प्रकारकी सामोपासना... ....१६३

षष्ठ खण्ड

६०. पशुविषयक पाँच प्रकारकी सामोपासना.... ...१६५

सप्तम खण्ड

६१. प्राणविषयक पाँच प्रकारकी सामोपासना... ....१६७

अष्टम खण्ड

६२. वाणीविषयक सप्तविध सामोपासना... ...१७०
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