भारतकोश
चरक संहिता (प्रथम भाग: सूत्र, निदान, विमान, शारीर व इन्द्रिय स्थान)

चरक संहिता (प्रथम भाग: सूत्र, निदान, विमान, शारीर व इन्द्रिय स्थान)

Charaka Samhita Part 1 with Hindi Translation

महर्षि चरक व अग्निवेश द्वारा

स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished639 पृष्ठ

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पृष्ठ 348

३३० चरकसंहिता [ अ० २७ चारुष्को हरिणैणौ च शम्बरः कालपुच्छकः । ऋष्यश्च वरपोतश्च विज्ञेया जाङ्गला मृगाः ॥ ४६ ॥ चित विरंगे हरिण, शरभ ( आठ पांव का ऊंठ के आकार का मोटे सींगों का एक हरिण, इस के पीठ में चार पाये होते हैं, काश्मीर देश में प्रसिद्ध है ), राम ( हिमालय का महामृग ) श्वदंष्ट्रा ( चार दांत का एक जाति का पशु ), मृगमातृका ( छोटा-मोटे उदर वाला पशु ), शश हरिण, कुरङ्ग ( हरिणभेद ) गोकर्ण ( गाय के से मुख का हरिण ), कोट्टकारक, चारुष्क, हरिण, एण, शम्बर ( सांभर ), कालपुच्छ, ऋष्य और वरपोत ये जंगली मृग हैं । यहां पर शश-शब्द मृगवाची है । जैसे चन्द्रमा को शशांक और मृगाङ्क कहते हैं इसमें वस्तु तो एक होनी चाहिये या तो शशका चिन्ह हो या मृग का ॥ ४५-४६ ॥ लावो वर्ती बकश्चैव वार्तीकः सकपिञ्जलः । चकोरश्चोपचक्रश्च कुकुभो रक्तवर्णकः ॥ ४७ ॥ लावाद्या विष्किरास्त्वेते वक्ष्यन्ते वर्तकादयः । वर्तको वर्तिका चैव बर्ही तित्तिरिकुक्कुटौ ॥ ४८ ॥ कङ्क-सारपदेन्द्राभ-गोनर्द-गिरिवर्तकाः क्रकरोऽवकरश्चैव वारटाश्चेति विष्किराः ॥ ४६ ॥ बटेर, वर्त्ती ( तीतर ), बक ( बगुला ), वार्तीक ( बतख ), कपिञ्जल (श्वेत तीतर), चकोर, उपचक्र (चकोर भेद), कुकुभ, रक्तवर्णक, विष्किर पक्षी हैं । वर्त्तक ( बटेर ), वर्त्तिका, बर्ही ( मोर ), तीतर, कुक्कुट, कङ्क, सारपद, इन्द्राभ, गोनर्द, गिरिवर्त्तक, क्रकर, अवकर और वारटा से सब मुर्गा जाति के 'विष्किर' पक्षी हैं ॥ ४७-४९ ॥ शतपत्रो भृङ्गराजः कोयष्टी जीवजीवकः । कैरातः कोकिलोऽत्यूहो गोपापुत्रः प्रियात्मजः ॥ ५० ॥ लट्वा लट्वषको बभ्रुर्वटहा डिण्डिमानकः । जटी दुन्दुभिवा ( पा ) कार-लोह-पृष्ठ-कुलिङ्गकाः ॥ ५१ ॥ कपोत-शुक-सारङ्गाश्चिरिटी-ककुयष्टिकाः । शारिका कलविङ्कश्च चतकोऽङ्गारचूडकः ॥ ५२ ॥ पारावतः पानविक इत्युक्ताः प्रतुदा द्विजाः । शतपत्र ( कटफोड़ा ) भृंगराज ( भांवरा ), कोयष्टि ( कोड़ा ) जीवजीवक, कैरात, कोकिल, अत्यूहा, गोपापुत्र, प्रियात्मज, लट्वा, लट्वषक, बभ्रु ( [?] पक्षी, पीले बालोंवाला पक्षी ), वटहा डिंडिमानक ( ऊटकटम्भा