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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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कहा, "हजरत ! रामसेज का वह बूढ़ा मराठा किलेदार सूर्याजी जेधे तो बहुत हट्टा- कट्टा है।" "हूँऽऽ।" वजीरे आजम यह बताओ कि उस किले पर मरगट्टों की कितनी सेना है?" "अँ... है न, काफी है। मतलब-मतलब छह सौ से एक हजार तक।" "और किले के नीचे अपनी केवल पाँच-छः हजार की सेना। ठीक है न?" बादशाह ने आँखों से घूरा। "गुस्ताखी माफ हजरत ! पाँच छः हजार नहीं कुछ ज्यादा ही।" जीभ दबाकर असदखान ने कहा, "ज्यादा-ज्यादा मतलब होंगे पैंतीस- चालीस हजार। एक मामूली किला और इतनी बड़ी फौज?" "जहाँपनाह ! किला मामूली नहीं, बहुत पुराना है। चढ़ने में बड़ी कठिनाई है। वहाँ की मराठी सेना और उनका मुखिया बुड्ढा सूर्याजी जेधे बहुत हठी है। हमारी सेना ने उन पर तोप दागना शुरू कर दिया है। हमारे सैनिक रात में रस्सियों की सीढ़ियाँ लगाते हैं, रात में ऊपर चढ़ने की कोशिश करते हैं, परन्तु ऊपर से मरगट्टे पत्थरों की ऐसी मार करते हैं.." "पत्थरों की ?" "अँ-कुछ अजीब जादू-टोना है उस किले पर। कहते हैं कि किले पर तोपें नहीं हैं फिर भी हमारी सेना पर गोले गिरते हैं।" "वजीरे आजम, आज आपकी दिमागी हालत ठीक नहीं लगती। तोपें नहीं हैं फिर भी गोला बारूद उड़ता है। मतलब क्या है?" "जहाँपनाह, उस किले पर सागौन की बहुत लकड़ी है, बैल-भैसों के चमड़े हैं। उन होशियार मराठों ने चमड़े की तोपें बनाई हैं। उनसे बाहर आने वाले गोले भी बहुत शक्तिशाली होते हैं। "अब तक हमारे कितने आदमी मारे जा चुके हैं?" "ज्यादा नहीं, तीन-साढ़े तीन हजार... परन्तु जहाँपनाह फिरोजजंग का यह ताजा खत देखें। वह कह रहा है-'चाहें कुछ भी हो चार दिनों में रामसेज पर चाँद सितारों वाला हरा झंडा फहराकर दिखाऊँगा'।" बादशाह कुछ अधिक बोला नहीं। मराठों के क्षेत्र में काम कर रहे कुछ जासूसों से उसे समाचार मिले थे। रात में ही उसने उन्हें पढ़ लिया था। सम्भाजी और अकबरशाह की दोस्ती बहुत बढ़ती जा रही है। वह अकबर और दुर्गादास राठौड़ को साथ लेकर युद्ध के लिए निकलता है। यह खबर पढ़कर बादशाह बहुत हैरान था। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि केवल चौबीस वर्ष के शिवाजी पुत्र से इस प्रकार की छेड़-छाड़ की जाएगी। गुप्तचरों से आने वाली खबरों को सुनकर 406 . सम्भाजी