छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography
कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंजाने का संकेत किया। केवल असदखान को रुकने का संकेत किया। "वजीरे-आज़म आपको क्या लगता है?" "हजरत, आने वाली खबरें इतनी अच्छी हैं कि मुझे भी लग रहा है कि यदि हम इसी गति चलते रहे तो पन्द्रह दिनों में हम अगली बैठक रायगढ़ पर ही बुलाएँगे।" बादशाह की कठोर मुद्रा और आशंकित भाव को देखकर वजीर ने अपनी जीभ काट ली। औरंगजेब ने बेचैन होकर कहा, "तुम लोग मुझ पर हमेशा इल्जाम लगाते हो कि बादशाह को खुशखबरी पर भी शंका होती है। इस सारे मामले में मुझे दो शंकाएँ हो रही हैं।" "हजरत ?" "हाँ, पागल शहाबुद्दीन कहता है कि रायगढ़ से दो कोस की दूरी पर डेरा डाल रखा है। उसी खत में यह भी कहता है कि दुश्मन का सात कोस तक पीछा किया। कभी कहता है राहेरी गाँव जलाया कभी पाचाड़। अगर वह रायगढ़ के द्वार पर पाचाड़ जला रहा था तो रायगढ़ में मराठों की फौज क्या ढोल तासे बजा रही थी?" "हाँ, और वह हंबीर मोहिते! वह तो किसी दूसरे ही इलाके में है। ऐसी खबर मिली थी। यह खबर पक्की है। मुझे तो कुछ दाल में काला लग रहा है। वजीरे आज़म आप इन बातों की फिक्र छोड़ दीजिए। इस पहेली को मैं अपने ढंग से सुलझाना चाहता हूँ।" चार दिनों के अन्दर ही अबूमुहम्मद, रात-दिन एक करके, रायगढ़ के इलाके में घूमकर आया था। वह बादशाह से मिलने के लिए बेताब हो रहा था। औरंगजेब की आँखें भी उसी के रास्ते पर अटकी हुई थीं। अबूमुहम्मद आते ही बादशाह के महल में पहुँच गया। एक साँस में ही उसने बता दिया, "हजरत, आपके बहुत से शक एकदम सही हैं। खुशी से पागल होने जैसा अभी वहाँ कुछ हुआ ही नहीं है।" "वह शहाबुद्दीन तो बार-बार कह रहा है कि उसने रायगढ़ की तलहटी में अनेक गाँव जला दिये!" बादशाह ने कहा। "जहाँपनाह! वह रायगढ़ किला बहुत मजबूत है। उसकी रक्षा पर्वत और नदियों की विस्तीर्ण घाटियाँ करते हैं। कम-से-कम तीन दिशाओं से ऐसा दिखता है जैसे अपने मजबूत पैरों को मोड़कर, सूंड़ को आसमान की ओर उठाए कोई ब्राह्मी हाथी बैठा हो। इसलिए आसपास दस कोस तक के गाँवों को लगता है कि वे उसके पास ही बसे हैं।" "और वह रायगढ़वाड़ी?" "किले के नीचे है। वहाँ संभा के अठारह कारखाने हैं। वहाँ बगल के मैदान सम्भाजी :: 493