छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography
कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा
DevanagariHindipublished793 पृष्ठ
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भी तो कहाँ?'' “महाराज यह तो जगत की रीति है। बूढ़ों को तो एक न एक दिन जाना ही है। अब हमारे पास खंडो बल्लाल, धनाजी, सन्ताजी जैसे नये तरुण हैं। इन्हीं में से एकाध नया हंबीरराव...'' येसाजी बाबा ने कहा। पहाड़ जैसे अनेक कठिन काम सामने पड़े थे। औरंगजेब जैसा बहुरूपिया शत्रु, नये नये जाल बिछा रहा था। शोक मनाने के लिए भी समय नहीं था। शम्भू महाराज उठे। नये जोश के साथ कमर कसकर तैयार हो गये। उन्होंने उसी दिन म्हालोजी बाबा घोडपड़े को नये सेनापति के रूप में नियुक्त करके उन्हें राजसी वस्त्र पहनाये। अपने पिता के उचित सम्मान से तरुण सन्ताजी घोडपड़े बेहद प्रसन्न दिखाई दे रहा था। सम्भाजी