सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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चितावनी का अंग www.dadooram.org अथ चितावनी का अंग ९ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वंदनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगततः ॥ १ ॥ दादू जे साहिब कौं भावै नहीं, सो हम थैं जनि होइ । सतगुरु लाजै आपणा, साध न मानैं कोइ ॥ २ ॥ दादू जे साहिब को भावै नहीं, सो सब परिहर प्राण । मनसा वाचा कर्मणा, जे तूं चतुर सुजाण ॥ ३ ॥ दादू जे साहिब को भावै नहीं, सो जीव न कीजी रे । परिहर विषय विकार सब, अमृत रस पीजी रे ॥ ४ ॥
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