भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 126, कुल 504 में से

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श्री दादूवाणी-निष्कर्म पतिव्रता का अंग 8 करतूति कर्म कर्मै कर्म काटै नहीं, कर्मै कर्म न जाइ। कर्मै कर्म छूटै नहीं, कर्मै कर्म बँधाइ ॥ 95 ॥ इति श्री दादूदास-विरचिते सतगुरु-प्रसादेन प्रोक्तं भक्ति योगनाम तत्वसारमत-सर्वसाधुर्बुद्धिज्ञान-सर्वशास्त्र-शोधितं रामनाम सतगुरुशिक्षा धर्मशास्त्र-सत्योपदेश-ब्रह्मविद्यायां मनुष्य जीवनाम् नित्य-श्रवणं पठनं मोक्षदायकम् श्री दादूवाणीनाम् माहात्म्य आठवां निष्कर्मी पतिव्रता काअंग सम्पूर्ण ॥ अंग 8 ॥ साखी 95 ॥

[दादूराम / राम / सत्यराम]

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