सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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भेष का अंग भेष का अंग १४ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ।। 1 ।। पतिव्रत निष्काम दादू बूड़े ज्ञान सब, चतुराई जल जाइ । अंजन मंजन फूंक दे, रहै राम ल्यौ लाइ ॥ 2 ॥ राम बिना सब फीका लागै, करणी कथा गियान । सकल अविरथा, कोटि कर दादू जोग धियान ॥ 3 ॥
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