भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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सारग्राही का अंग www.dadooram.org अथ सारग्राही का अंग १७ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ।। 1 ।। दादू साधु गुण गहै, औगुण तजै विकार । मानसरोवर हंस ज्यूं, छाड़ि नीर, गहि सार ।। 2 ।। हंस गियानी सो भला, अन्तर राखे एक। विष में अमृत काढ ले, दादू बड़ा विवेक ।। 3 ।। पहली न्यारा मन करै, पीछे सहज शरीर । दादू हंस विचार सौं, न्यारा किया नीर ।। 4 ।।

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