सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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पीव पहिचान का अंग www.dadooram.org
अथ पीव पहिचान का अंग २० मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगततः ।। 1 ।। सारों के सिर देखिये, उस पर कोई नांहि । दादू ज्ञान विचार कर, सो राख्या मन मांहि ।। 2 ।। सब लालों सिर लाल है, सब खूबों सिर खूब । सब पाकों सिर पाक है, दादू का महबूब ।। 3 ।। परब्रह्म परापरं, सो मम देव निरंजनम् । निराकारं निर्मलं, तस्य दादू वंदनम् ।। 4 ।।
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