भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

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सजीवन का अंग www.dadooram.org अथ सजीवन का अंग २६ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगतः ॥ 1 ॥ दादू जे तूं जोगी गुरुमुखी, तो लेना तत्त्व विचार । गह आयुध गुरु ज्ञान का, काल पुरुष को मार ॥ 2 ॥ नाद बिंदु सौं घट भरै, सो जोगी जीवै । दादू काहे को मरै, राम रस पीवै ॥ 3 ॥ साधु जन की वासना, शब्द रहै संसार । दादू आतम ले मिलै, अमर उपावनहार ॥ 4 ॥

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