भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

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कस्तूरिया मृग का अंग www.dadooram.org अथ कस्तूरिया मृग का अंग ३१ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगतः ।। 1 ।। दादू घट कस्तूरी मृग के, भ्रमत फिरै उदास । अन्तरगति जाणै नहीं, तातैं सूंघै घास ।। 2 ।। सब घट में गोविन्द है, संग रहै हरि पास । कस्तूरी मृग में बसै, सूंघत डोलै घास ।। 3 ।। दादू जीव न जानै राम को, राम जीव के पास । गुरु के शब्दों बाहिरा, तातैं फिरै उदास ।। 4 ।।

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