सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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श्री दादूवाणी-राग कल्याण 3 97. परिचय । त्रिताल जग सौं कहा हमारा, जब देख्या नूर तुम्हारा ॥ टेक ॥ परम तेज घर मेरा, सुख सागर माहिं बसेरा ॥ 1 ॥ झिलमिल अति आनन्दा, तहँ पाया परमानन्दा ॥ 2 ॥ ज्योति अपार अनन्ता, खेलें फाग बसन्ता ॥ 3 ॥ आदि अंत अस्थाना, जन दादू सो पहचाना ॥ 4 ॥ इति राग कल्याण सम्पूर्णः ॥ 3 ॥ पद 2 ॥
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