सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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राग मारू www.dadooram.org अथ राग मारू 7 (गायन समय सायंकाल 6 से 9 रात्रि) 143. उपदेश । झपताल मना ! जप राम नाम लीजे, साधु संगति सुमिर सुमिर, रसना रस पीजै ॥ टेक ॥ साधू जन सुमिरन कर, केते जप जागे । अगम निगम अमर किये, काल कोइ न लागे ॥ 1 ॥ नीच ऊँच चिन्त न कर, शरणागति लीये । भक्ति मुक्ति अपनी गति, ऐसैं जन कीये ॥ 2 ॥ केते तिर तीर लागे, बन्धन भव छूटे । कलि मल विष जुग जुग के, राम नाम खूटे ॥ 3 ॥ भरम करम सब निवार, जीवन जप सोई । दादू दुख दूर करण, दूजा नहिं कोई ॥ 4 ॥
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