भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 41, कुल 504 में से

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स्मरण का अंग अथ स्मरण का अंग-२ दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः। वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगतः ।। 1 ।। एकै अक्षर पीव का, सोई सत्य करि जाण। राम नाम सतगुरु कह्या, दादू सो परवाण ।। 2 ।। पहली श्रवण द्वितीय रसना, तृतीय हिरदै गाइ। चतुर्दशी चेतन भया, तब रोम रोम ल्यौ लाइ ।। 3 ।। मन प्रबोध दादू नीका नांव है, तीन लोक तत सार। रात दिवस रटबो करो, रे मन इहै विचार ।। 4 ।।

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