भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

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राग भवानी www.dadooram.org अथ राग भांणमली (भवानी) 14 (गायन समय मध्यरात्रि, राग मंजरी मतानुसार) 260. (गुजराती) विनती । कौव्वाली ताल मारा वाल्हा रे ! तारे शरणि रहेश । बीनतड़ी वाल्हा नें कहतां, अनंत सुख लहेश ॥ टेक ॥ स्वामी तणों हूँ संग न मेलूं, बिनतड़ी कहेश । हूँ अबला तूँ बलवंत राजा, तारा बना वहेश ॥ 1 ॥ संग रहूँ तां सब सुख पामूं, अंतर थैं दहेश । दादू ऊपर दया करीनें, आवो एणढ़ वेश ॥ 2 ॥

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